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कानपुर: भारत सिंह बने नायब तहसीलदार, PCS में 26वीं रैंक हासिल कर माता-पिता के सपनों को किया साकार

रिपोर्ट – अंजनी शर्मा 

कानपुर: कहते हैं कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। कानपुर के ग्रामीण क्षेत्र सजेती में स्थित कुटरा मकरंदपुर के निवासी भारत सिंह ने यह सिद्ध कर दिखाया। भारत सिंह, पुत्र इंद्रपाल सिंह, ने हाल ही में आयोजित पीसीएस (प्रदेश सिविल सेवा) परीक्षा में 26वीं रैंक प्राप्त कर न केवल खुद बल्कि अपने परिवार, गांव और तहसील क्षेत्र का नाम रोशन किया।

भारत सिंह का यह चयन उनके माता-पिता के वर्षों के सपनों को साकार करने के साथ ही ग्रामीण आंचल के लिए गर्व का विषय बन गया है। भारत सिंह के चयन की खबर जैसे ही उनके गांव और तहसील क्षेत्र में फैली, बड़ी संख्या में लोग उन्हें सम्मान देने और स्वागत करने कोटरा गांव पहुंचे।

परिवार और गांव की खुशियाँ

भारत सिंह ने अपने गांव पहुंचकर माता इंद्राणी देवी, पिता इंद्रपाल सिंह और बड़े भाइयों के चरण छूकर आशीर्वाद लिया। इसके अलावा, उनके हमउम्र के दोस्तों और गांव के बुजुर्गों ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी। इस अवसर पर पूरे गांव में खुशी का माहौल था और लोग भारत सिंह की उपलब्धि का जश्न मना रहे थे।

भारत सिंह के भाई पिंटू सिंह, जो स्वयं समाजसेवी हैं, ने बताया कि भारत सिंह बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं और हमेशा समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा रखते थे। परिवार और गांव के समर्थन से ही भारत सिंह ने कठिन मेहनत और समर्पण के साथ यह उपलब्धि हासिल की।

जानिए पीसीएस में चयन का महत्व

प्रदेश सिविल सेवा (पीसीएस) परीक्षा का चयन न केवल सरकारी नौकरी पाने का मार्ग है, बल्कि यह सम्मान और प्रतिष्ठा का भी प्रतीक है। भारत सिंह का 26वीं रैंक पर चयन उनकी प्रतिभा, लगन और समर्पण का प्रमाण है। इससे उनके गांव और तहसील क्षेत्र का भी गौरव बढ़ा है।

युवा पीढ़ी के लिए है प्रेरणा

भारत सिंह की सफलता न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके अनुभव से स्पष्ट होता है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इस उपलब्धि ने यह भी दिखाया कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा बड़े शहरों और प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्रों के बराबर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

भारत सिंह की तैयारी और संघर्ष

भारत सिंह ने अपने सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने लगातार अध्ययन और आत्म-विश्वास के साथ तैयारी की। उन्होंने कहा कि परीक्षा के कठिन दौर में परिवार और गुरुजनों का समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण था। इस समर्पण और मेहनत का परिणाम है कि वह आज नायब तहसीलदार बनकर तहसील क्षेत्र और गांव का मान बढ़ा रहे हैं।

गांव और तहसील में स्वागत

भारत सिंह के चयन की खुशी में गांव और तहसील क्षेत्र में कई आयोजन किए गए। ग्रामीणों ने उन्हें फूलों से स्वागत किया और उनके सम्मान में स्थानीय स्तर पर समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद दिया और युवाओं को प्रेरित किया कि वे भी मेहनत और ईमानदारी से अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।

शिक्षा और प्रेरणा का संदेश

भारत सिंह की कहानी यह दिखाती है कि शिक्षा और लगन के बिना सफलता संभव नहीं है। उनके जीवन से यह संदेश मिलता है कि अगर कोई युवा सही दिशा में प्रयास करे, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं है। गांव और ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए भारत सिंह का चयन प्रेरणा का स्रोत है।

कानपुर के ग्रामीण क्षेत्र का यह गौरव न केवल भारत सिंह की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र और तहसील की सामाजिक प्रतिष्ठा का भी प्रतीक है। उनके पीसीएस चयन ने यह साबित किया कि मेहनत, लगन और परिवार का समर्थन किसी भी चुनौती को पार कर सकता है। भारत सिंह की यह सफलता युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनेगी और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।

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