कानपुर: स्मार्ट मीटर और बिजली बिल मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, केस्को को सौंपा मांगपत्र

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कानपुर: गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर में बिजली आपूर्ति और बिलिंग को लेकर असंतोष बढ़ने लगा है। इसी क्रम में कानपुर महानगर कांग्रेस कमेटी ने स्मार्ट और प्रीपेड मीटर व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर केस्को मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और डायरेक्टर कॉमर्शियल राकेश वाष्र्णेय को मांगपत्र सौंपा।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तख्ती-बैनर लेकर केस्को के कथित मनमाने रवैए के खिलाफ आवाज उठाई। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद उपभोक्ताओं पर बढ़े हुए बिजली बिल, ओवर बिलिंग और अघोषित कटौती का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
पांच प्रमुख समस्याओं को उठाया गया
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पांच मुख्य समस्याओं को प्रमुखता से रखा। इनमें बढ़े हुए बिजली बिल, प्रीपेड मीटर की जटिल प्रक्रिया, ओवर बिलिंग की शिकायतें, सीमित शिकायत निस्तारण केंद्र और अघोषित बिजली कटौती शामिल हैं।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि प्रीपेड मीटर व्यवस्था के नाम पर उपभोक्ताओं के साथ अन्याय हो रहा है। उनके अनुसार, कई उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक बिल प्राप्त हो रहे हैं, जबकि खपत में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है।
स्मार्ट मीटर पर उठे सवाल
स्मार्ट मीटर व्यवस्था को पारदर्शिता और सटीक बिलिंग के उद्देश्य से लागू किया गया था। हालांकि कुछ उपभोक्ताओं का दावा है कि उन्हें अपेक्षा से अधिक बिल मिल रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि नई व्यवस्था लागू की गई है, तो उसके साथ पर्याप्त जागरूकता और शिकायत निवारण तंत्र भी मजबूत होना चाहिए। अन्यथा उपभोक्ताओं में भ्रम और असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।
शिकायत निस्तारण व्यवस्था पर जताई गई चिंता
प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा गया कि वर्तमान में समस्याओं के निस्तारण के लिए केस्को के केवल चार स्टेशन सक्रिय हैं, जिससे उपभोक्ताओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

कांग्रेस ने बंद पड़े शिकायत निस्तारण केंद्रों को पुरानी व्यवस्था के साथ पुनः शुरू करने की मांग की। उनका तर्क है कि यदि स्थानीय स्तर पर शिकायतें सुनी जाएं, तो समाधान तेजी से हो सकता है और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
जानिए उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया
इस अवसर पर कुछ प्रभावित उपभोक्ताओं ने भी अपनी समस्याएं साझा कीं। पीड़ित उपभोक्ता प्रतिभा अटल पाल ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उन्हें बिल की राशि को लेकर असमंजस बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि यदि बिलिंग में पारदर्शिता हो और समय पर स्पष्टीकरण मिले, तो उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ सकता है।
जानिए केस्को का आश्वासन
मांगपत्र सौंपे जाने के बाद केस्को के डायरेक्टर कॉमर्शियल राकेश वाष्र्णेय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उठाई गई समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि स्मार्ट और प्रीपेड मीटर व्यवस्था का उद्देश्य दीर्घकालिक सुधार और ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाना है। यदि कहीं तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयां हैं, तो उन्हें चरणबद्ध तरीके से दूर किया जाएगा।
पार्टी नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस जिला अध्यक्ष पवन गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो पार्टी आंदोलन, धरना और प्रदर्शन जैसे लोकतांत्रिक कदम उठाएगी।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आम नागरिकों से जुड़ा है। इसलिए पार्टी उपभोक्ताओं के हित में आवाज उठाती रहेगी।
गर्मी और बिजली की रखी मांग
गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। ऐसे में यदि बिलिंग और आपूर्ति को लेकर असंतोष हो, तो स्थिति संवेदनशील हो सकती है।

लोगों का मानना है कि इस समय पारदर्शी संवाद और त्वरित शिकायत निस्तारण बेहद आवश्यक है। इससे उपभोक्ता और विभाग के बीच विश्वास बना रह सकता है।
संतुलित समाधान की है आवश्यकता
एक ओर जहां आधुनिक मीटरिंग प्रणाली से राजस्व प्रबंधन और ऊर्जा दक्षता में सुधार की उम्मीद की जाती है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता संतुष्टि भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

यदि तकनीकी सुधार के साथ-साथ जागरूकता अभियान, हेल्पलाइन और स्थानीय सहायता केंद्रों को मजबूत किया जाए, तो विवाद की स्थिति कम हो सकती है।

कानपुर केस्को स्मार्ट मीटर विवाद ने यह संकेत दिया है कि नई व्यवस्था लागू करते समय संवाद और पारदर्शिता अनिवार्य है। कांग्रेस द्वारा सौंपे गए मांगपत्र के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि विभाग कितनी शीघ्रता से समस्याओं का समाधान करता है।

यदि प्रशासन और उपभोक्ता प्रतिनिधि मिलकर व्यावहारिक समाधान तलाशते हैं, तो शहर में बिजली व्यवस्था को लेकर संतुलित और सकारात्मक माहौल बनाया जा सकता है।



