कानपुर: सागर हाईवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा: पतारा में छह गाड़ियों की हुई टक्कर, 16 घायल, लगा था लंबा जाम

रिपोर्ट – अंजनी शर्मा
कानपुर-सागर हाईवे पर बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जिसने कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। घाटमपुर थाना क्षेत्र के पतारा कस्बे के तिलसड़ा मोड़ के पास ईको वैन और डंपर की टक्कर के बाद एक के बाद एक कुल छह वाहन आपस में भिड़ गए। इस हादसे में 16 लोग घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में कानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया, लेकिन लगभग 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

जानिए कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कानपुर देहात के मूसेपुर गांव से एक बारात उमरी गांव गई थी। बुधवार सुबह बारात वापस लौट रही थी। जैसे ही बारातियों से भरी ईको वैन तिलसड़ा मोड़ पर पहुंची और मुड़ने लगी, तभी वाहन अचानक बंद हो गया। इसी दौरान घाटमपुर की ओर से आ रहे एक डंपर ने वैन में टक्कर मार दी।

इसके तुरंत बाद पीछे से आ रहे अन्य वाहन भी नियंत्रित नहीं रह सके और एक-एक कर कुल छह गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इस तरह कुछ ही पलों में हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी।
तत्काल शुरू हुआ था राहत और बचाव कार्य
सूचना मिलते ही पतारा चौकी पुलिस और एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को क्षतिग्रस्त वाहनों से बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी को पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया।

डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद 16 घायलों को गंभीर स्थिति को देखते हुए कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। कुछ घायल अपने परिजनों के साथ निजी अस्पताल भी चले गए। राहत कार्य के दौरान पतारा चौकी इंचार्ज के हाथ में भी चोट आई, हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
हादसे में ये लोग हुए घायल
हादसे में घायल हुए लोगों में प्रांशु शुक्ला (20), आशीष शर्मा (20), खुशीराम (50), रुद्र (30), नरेश (40), मोहित (40), प्रदीप (40), सागर (14), राजेश (40), मनोज कुमार (45), रामबाबू, हसीम (45), सारनाथ (45), जयराम (50), अजय कुमार (45) और सलमान (45) शामिल हैं। सभी को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया।

परिजनों के अनुसार, सभी लोग बारात से लौट रहे थे और अचानक हुए हादसे ने पूरे गांव को चिंता में डाल दिया।
हाईवे पर लगा था लंबा जाम
हादसे के बाद कानपुर-सागर हाईवे पर लगभग 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। चूंकि दुर्घटना मुख्य मार्ग पर हुई थी, इसलिए दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि पुलिस ने तुरंत यातायात नियंत्रण की योजना लागू की।

हमीरपुर की ओर से आने वाले वाहनों को घाटमपुर चौराहे से डायवर्ट किया गया, जबकि कानपुर की ओर से आने वाले वाहनों को रमईपुर चौराहे से वैकल्पिक मार्ग पर भेजा गया। इससे धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा।
तीन घंटे में हटाए गए क्षतिग्रस्त वाहन
राहत कार्य पूरा करने के बाद घाटमपुर पुलिस ने एनएचएआई की क्रेन और जेसीबी की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क को पूरी तरह खाली कराया जा सका। इसके बाद यातायात सामान्य रूप से बहाल हो पाया।

प्रशासन के अनुसार, यदि समय पर कार्रवाई न की जाती तो जाम की स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
जानिए प्रशासन की अपील
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हाईवे पर मोड़ों के पास वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी अपील की कि वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करें और अचानक ब्रेक लगाने या वाहन रोकने से बचें।

लोगों का कहना है कि अक्सर हाईवे पर अचानक वाहन बंद हो जाने या अनियंत्रित गति के कारण इस प्रकार की श्रृंखलाबद्ध दुर्घटनाएं होती हैं। इसलिए नियमित वाहन जांच और सावधानी बेहद आवश्यक है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि प्रशासन ने त्वरित राहत कार्य किया, लेकिन इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालिक उपायों की जरूरत है।

विशेष रूप से हाईवे के मोड़ों पर संकेतक बोर्ड, स्पीड कंट्रोल उपाय और बेहतर प्रकाश व्यवस्था जैसी व्यवस्थाएं दुर्घटनाओं को कम करने में मददगार हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, वाहन चालकों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए।

कानपुर-सागर हाईवे सड़क हादसा एक दुखद घटना रही, जिसमें 16 लोग घायल हो गए। हालांकि समय रहते पुलिस और एनएचएआई की टीमों ने राहत कार्य शुरू कर स्थिति को संभाल लिया। तीन घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया।

फिलहाल सभी घायलों का उपचार जारी है और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।



