यूपी

लखनऊ: तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट तक प्रदेश में स्मार्ट मीटर बदलने पर लगी रोक – आगे पढ़ें

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा 

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर स्थापना और बदलाव को लेकर चल रही प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यह निर्णय तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट आने तक लागू रहेगा। लखनऊ से जारी निर्देशों के अनुसार, पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि अगली सूचना तक स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया स्थगित रखी जाए।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रदेश के कई जिलों में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच असंतोष और विरोध की घटनाएं सामने आई थीं।

जानिए क्यों लिया गया यह निर्णय?

राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की शिकायतों और तकनीकी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए एक तकनीकी समिति का गठन किया था। यह समिति स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, बिलिंग प्रणाली और संभावित त्रुटियों की समीक्षा कर रही है।

हालांकि प्रदेश में बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन कई स्थानों पर उपभोक्ताओं ने अधिक बिल आने और तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत की थी। परिणामस्वरूप, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई, ताकि तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जा सके। अब समिति की अंतिम रिपोर्ट आने तक स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

कितने स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं?

ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक प्रदेश में लगभग 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से करीब 70.50 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर पहले ही इंस्टॉल किए जा चुके हैं।

स्मार्ट मीटर योजना का उद्देश्य पारदर्शी बिलिंग, ऊर्जा की बचत और बिजली चोरी पर नियंत्रण था। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में बिजली खपत की जानकारी उपलब्ध कराना भी इस योजना का प्रमुख लक्ष्य रहा है। हालांकि, कुछ जिलों में उपभोक्ताओं ने बिलिंग से संबंधित समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई, जिसके चलते प्रशासन को समीक्षा का निर्णय लेना पड़ा।

डिस्कॉम एमडी को जारी हुए निर्देश

पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष द्वारा सभी डिस्कॉम एमडी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट आने तक नए मीटर बदलने या स्थापित करने की प्रक्रिया रोकी जाए।

हालांकि पहले से लगे मीटरों की नियमित निगरानी और रखरखाव का कार्य जारी रहेगा। साथ ही, जिन क्षेत्रों में तकनीकी समस्या की पुष्टि होगी, वहां आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

पढ़जिए क्या है उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया?

प्रदेश के कई जिलों में स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। उपभोक्ताओं का कहना था कि नए मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

दूसरी ओर, ऊर्जा विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर से पारदर्शिता बढ़ी है और वास्तविक खपत के आधार पर बिल तैयार हो रहा है। विभाग का यह भी कहना है कि कई बार पुराने मीटरों की त्रुटियों के कारण बिल कम आता था, जो अब सुधर गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में सरकार ने निष्पक्ष तकनीकी मूल्यांकन को प्राथमिकता दी है, ताकि उपभोक्ताओं की शंकाओं का समाधान हो सके।

स्मार्ट मीटर योजना का उद्देश्य

स्मार्ट मीटर योजना केंद्र और राज्य सरकार की ऊर्जा सुधार नीतियों का हिस्सा है। इसका लक्ष्य बिजली वितरण व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता अपनी खपत की निगरानी मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रीपेड विकल्प से उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार रिचार्ज कर बिजली उपयोग कर सकते हैं।

हालांकि, किसी भी नई तकनीक को लागू करने में शुरुआती चुनौतियां आना स्वाभाविक है। इसलिए सरकार ने समीक्षा और सुधार की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है।

अब आगे क्या होगा?

तकनीकी समिति अपनी रिपोर्ट में मीटर की सटीकता, बिलिंग प्रणाली और उपभोक्ता शिकायतों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करेगी। इसके बाद सरकार अंतिम निर्णय लेगी कि स्मार्ट मीटर योजना को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए।

यदि समिति को किसी प्रकार की तकनीकी खामी मिलती है, तो आवश्यक सुधार लागू किए जाएंगे। वहीं, यदि प्रणाली सही पाई जाती है, तो स्थापना कार्य पुनः प्रारंभ किया जा सकता है।

यूपी स्मार्ट मीटर रोक का यह निर्णय उपभोक्ताओं की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट आने तक स्थापना और बदलाव पर रोक से यह स्पष्ट होता है कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही को महत्व दे रही है।

आने वाले समय में समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। तब तक उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी किसी भी शिकायत को संबंधित डिस्कॉम कार्यालय में दर्ज कराएं, ताकि उसका समय पर समाधान किया जा सके।

UP Now

Upnownews.com एक स्वतंत्र न्यूज़ चैनल है, जो आपको सबसे तेज और सटीक खबरें प्रदान करता है। हमारा लक्ष्य है कि हम दुनिया भर की महत्वपूर्ण और प्रासंगिक खबरें आप तक पहुँचाएँ। राजनीति, मनोरंजन, खेल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, और अन्य विषयों पर हमारी निष्पक्ष और प्रमाणिक रिपोर्टिंग हमें सबसे अलग बनाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button