
रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
डिब्रूगढ़, असम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में अपनी चुनावी रैली में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि “कांग्रेस के राजकुमार की हार की सेंचुरी पक्की है”। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा असम में तीसरी बार जीत की हैट्रिक लगाएगी। असम के इस ऐतिहासिक दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य की चाय और चिप्स जैसी प्रमुख पहचान को रेखांकित किया और राज्य के विकास में भाजपा की भूमिका को अहम बताया।

प्रधानमंत्री मोदी की यह रैली असम चुनावों के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह राज्य में चुनाव घोषित होने के बाद उनकी पहली रैली थी। इस दौरान उन्होंने असम के चाय बागानों में काम करने वाली महिलाओं से संवाद भी किया और उनकी मेहनत को सराहा। उन्होंने अपने अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी साझा किया, जिसमें उन्होंने असम की चाय को “राज्य की आत्मा” बताया और कहा कि असम की चाय पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
प्रधानमंत्री मोदी का चाय बागान दौरा और महिलाओं से किया संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिब्रूगढ़ में स्थित एक चाय बगान का दौरा किया, जहां उन्होंने चाय पत्तियां तोड़ी और वहां काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने वहां की महिलाओं से उनके कार्य की परिस्थितियों के बारे में पूछा और उन्हें अपने रोजगार की महत्वता के बारे में बात की। यह एक महत्वपूर्ण कदम था, क्योंकि असम के चाय बागान राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

इस दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने महिला श्रमिकों के साथ सेल्फी भी ली, जिससे उनका सहज और जनहित के प्रति समर्पण दिखाई दिया। उन्होंने चाय बगान में महिलाओं के साथ अपने संवाद का अनुभव ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा, “चाय असम की आत्मा है। यहां की चाय पूरी दुनिया में मशहूर है।”
UCC का असम में लागू होना क्यों है जरूरी – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि असम की पहचान को बचाने के लिए UCC का लागू होना बहुत जरूरी है। उनका मानना था कि असम जैसे विविधतापूर्ण राज्य में एक समान नागरिक कानून से सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था में सुधार होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा सरकार असम की पहचान, संस्कृति और इतिहास को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
“राजकुमार की हार की सेंचुरी पक्की” – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस के राजकुमार की हार की सेंचुरी पक्की है।” उनका इशारा राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की लगातार हार की ओर था। मोदी ने यह भी कहा कि असम में भाजपा की सरकार बनेगी और पार्टी आगामी चुनावों में तीसरी बार जीत की हैट्रिक लगाएगी।

मोदी ने कहा कि असम में भाजपा सरकार ने पिछले दो कार्यकालों में राज्य की जनता के लिए कई योजनाओं को लागू किया है, जिनका असर अब साफ नजर आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि असम के लोग भाजपा की नीतियों से संतुष्ट हैं और आगामी चुनावों में भाजपा की जीत सुनिश्चित है।
केरलम में राहुल गांधी की यात्रा और भाजपा का दृष्टिकोण – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैली में कांग्रेस और राहुल गांधी के अन्य कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केरल में बस में यात्रा कर रहे हैं, लेकिन असम में भाजपा ने राज्य की असल समस्याओं पर फोकस किया है। मोदी ने यह भी कहा कि भाजपा ने असम के विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई हैं, जो राज्य के किसानों, श्रमिकों और महिलाओं को लाभ पहुंचा रही हैं।
असम में भाजपा की जीत की रणनीति – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा की रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने असम में विकास, रोजगार, और सामाजिक सुरक्षा पर जोर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से चाय बागानों में काम करने वाली महिलाओं के लिए कई योजनाओं का जिक्र किया, जो भाजपा की सरकार के दौरान लागू की गई हैं। मोदी का कहना था कि राज्य में भाजपा की जीत की बुनियाद इन योजनाओं पर आधारित है, जो असम के विकास के लिए बेहद प्रभावी रही हैं।

उन्होंने असम की चाय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार की नीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “असम की चाय न केवल भारत की बल्कि पूरी दुनिया की प्रिय चाय बन चुकी है, और यह असम की संस्कृति और पहचान का अभिन्न हिस्सा है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की असम में आयोजित चुनावी रैली ने साफ तौर पर यह संदेश दिया कि भाजपा असम में विकास और सामाजिक समरसता के लिए प्रतिबद्ध है। उनकी टिप्पणी “कांग्रेस के राजकुमार की हार की सेंचुरी पक्की” और भाजपा की तीसरी बार जीत की हैट्रिक लगाने की बात इस चुनावी सीजन में भाजपा के आत्मविश्वास को दर्शाती है। चाय बागानों में काम करने वाली महिलाओं से उनका संवाद और असम की संस्कृति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इस रैली को असम के चुनावी माहौल में एक अहम मोड़ पर ला खड़ा करती है।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा और उनकी टिप्पणियां राज्य की राजनीति और आगामी चुनावों के संदर्भ में बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि असम की जनता किसे अपनी सरकार के रूप में चुनती है और भाजपा अपनी जीत की हैट्रिक लगाने में कितनी सफल होती है।



