
“न्यूज़ डेस्क”
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और बिजली कटौती की शिकायतों के बीच राज्य सरकार ने बिजली व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने प्रदेशभर में बिजली आपूर्ति को लेकर नए आदेश जारी किए हैं।

नए निर्देशों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि बिजली कटौती केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही की जाए और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो।
भीषण गर्मी से बढ़ी बिजली की मांग
उत्तर प्रदेश में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में घरों, दफ्तरों और बाजारों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के अधिक उपयोग के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है।

जानकारों के अनुसार, गर्मी के मौसम में बिजली की मांग अचानक बढ़ने से वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही कारण है कि कई इलाकों में लोकल फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्याएं सामने आ रही हैं।

हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों को राहत देने के लिए बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है और सप्लाई बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली कटौती को लेकर लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में चौबीसों घंटे और ग्रामीण इलाकों में कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में तत्काल मरम्मत और बदलने की व्यवस्था करने को भी कहा गया। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
यूपीपीसीएल ने जारी किए नए आदेश
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद यूपीपीसीएल ने सभी वितरण कंपनियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि बिजली आपूर्ति में अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए और सभी अधिकारी फील्ड स्तर पर सक्रिय रहें।

इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी करने और बिजली लाइनों की नियमित जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि फॉल्ट आने पर तुरंत कार्रवाई हो और सप्लाई जल्द बहाल की जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था सुधारने पर भी विशेष जोर दिया है। अक्सर गर्मियों में ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में इस बार सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गांवों में भी पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल व्यवस्था बिजली पर काफी हद तक निर्भर रहती है। इसलिए किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा अधिकारियों को गांवों में ट्रांसफार्मर और लाइन फॉल्ट की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश
लगातार बढ़ती गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति बेहतर होने से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए लगातार बिजली उपलब्ध होना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें और अनावश्यक बिजली खपत से बचें। इससे बिजली व्यवस्था पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
तकनीकी व्यवस्थाओं को किया जा रहा मजबूत
बिजली विभाग की ओर से बताया गया है कि प्रदेशभर में तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। कई जगहों पर पुराने ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं और बिजली लाइनों की मरम्मत की जा रही है।

इसके अलावा कंट्रोल रूम और शिकायत केंद्रों को भी सक्रिय किया गया है ताकि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान किया जा सके। विभागीय अधिकारियों को चौबीस घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विपक्ष ने भी उठाए थे सवाल
हाल के दिनों में बिजली कटौती को लेकर विपक्षी दलों की ओर से भी सरकार पर सवाल उठाए गए थे। कई क्षेत्रों से लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से बिजली संकट की शिकायतें साझा की थीं।

हालांकि सरकार का कहना है कि बढ़ती मांग के बावजूद बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अधिकांश क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण में है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप और गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। लगातार बिजली उपलब्ध रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिलने में मदद मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बिजली व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश देना आम जनता के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है। शहरों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बिजली विभाग इन निर्देशों को जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू कर पाता है। फिलहाल सरकार और बिजली विभाग दोनों ही व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।



