कानपुर: शेक्सपियर डे पर कैंब्रिज हाई स्कूल में आयोजित हुईं नाट्य प्रस्तुति और साहित्यिक व्याख्यान

रिपोर्ट – विवेक कृष्ण दीक्षित
कानपुर: सिविल लाइंस स्थित कैंब्रिज हाई स्कूल में शेक्सपियर डे के अवसर पर एक विशेष साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विश्व प्रसिद्ध साहित्यकार William Shakespeare के नाटकों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में साहित्य के प्रति रुचि जागृत करना और उनके व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करना रहा।

रचनात्मक प्रस्तुतियों से सजी संध्या
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के कुल 25 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बच्चों ने शेक्सपियर के विभिन्न नाटकों के अंशों का मंचन किया, जिनमें संवाद-अभिनय, भाव-भंगिमा और भाषा की स्पष्टता विशेष रूप से सराहनीय रही।

इसके साथ ही, विद्यार्थियों ने शेक्सपियर के जीवन, साहित्यिक योगदान और उनकी प्रमुख कृतियों पर व्याख्यान भी प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने यह दर्शाया कि वे न केवल पाठ्यक्रम तक सीमित हैं, बल्कि साहित्य की गहराई को समझने का प्रयास भी कर रहे हैं।
ज्ञानवर्धन के साथ व्यक्तित्व के विकास पर दिया गया जोर
विद्यालय की उपनिदेशक डॉ. निधि करुण मेहरोत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार, साहित्यिक गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है।

उन्होंने यह भी बताया कि शेक्सपियर जैसे महान साहित्यकारों की कृतियों के माध्यम से विद्यार्थी भाषा, संस्कृति और मानवीय भावनाओं की गहराई को समझ पाते हैं। परिणामस्वरूप, उनका बौद्धिक और भावनात्मक विकास संतुलित रूप से होता है।
बताया गया साहित्य का शिक्षा में महत्व
साहित्य विभाग की एचओडी डॉ. रुचि त्रिपाठी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि साहित्य विद्यार्थियों के जीवन का अभिन्न अंग है। उनके अनुसार, साहित्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह जीवन को समझने और अभिव्यक्त करने का माध्यम है।

उन्होंने आगे कहा कि साहित्य के बिना शिक्षा अधूरी मानी जाती है, क्योंकि यह व्यक्ति को संवेदनशील, विचारशील और रचनात्मक बनाता है। अतः विद्यालय समय-समय पर ऐसे आयोजन करता है ताकि विद्यार्थियों में साहित्यिक रुझान को प्रोत्साहन मिल सके।
मंच के माध्यम से आत्मविश्वास में दिखी वृद्धि
इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं। जब छात्र संवाद बोलते हैं, अभिनय करते हैं और श्रोताओं के सामने प्रस्तुति देते हैं, तब उनके आत्मविश्वास में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होती है।

इसके अतिरिक्त, समूह में कार्य करने से उनमें सहयोग की भावना भी विकसित होती है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने टीम वर्क और अनुशासन का परिचय दिया, जो उनके भविष्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
शिक्षकों की रही सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम की सफलता में शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। साहित्य विभाग के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने नाटकों का चयन, अभ्यास और प्रस्तुति की तैयारी की। शिक्षकों ने उच्चारण, भाव-प्रदर्शन और मंच संचालन पर विशेष ध्यान दिया।

इसी क्रम में विद्यालय प्रशासन ने भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए, जिससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका।
अभिभावकों और छात्रों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम को लेकर छात्रों में उत्साह देखने को मिला। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की और विद्यालय के प्रयासों को सकारात्मक बताया। उनका मानना है कि ऐसे आयोजन बच्चों की छिपी प्रतिभा को सामने लाने में सहायक होते हैं।
समग्र विकास की दिशा में पहल पर बढ़ाया गया कदम
वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं रह गया है। बल्कि, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शेक्सपियर डे जैसे आयोजन इसी दिशा में एक सार्थक कदम हैं।

जहां एक ओर विद्यार्थी साहित्यिक विरासत से परिचित होते हैं, वहीं दूसरी ओर वे अभिव्यक्ति, संवाद और नेतृत्व कौशल भी सीखते हैं। परिणामस्वरूप, उनका व्यक्तित्व अधिक परिपक्व और प्रभावशाली बनता है।

कानपुर में शेक्सपियर डे कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया कि विद्यालय स्तर पर आयोजित साहित्यिक गतिविधियां छात्रों के बौद्धिक और रचनात्मक विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। कैंब्रिज हाई स्कूल का यह आयोजन न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास की दिशा में भी प्रेरणादायक साबित हुआ।

आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने के प्रयास जारी रहने की संभावना है।



