
रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
उत्तर प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश दिए। विशेष रूप से होमगार्ड भर्ती परीक्षा की शुचिता, भीषण गर्मी में परीक्षार्थियों की सुविधा, स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान, औद्योगिक शांति, जातीय सौहार्द और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर प्रशासन को सजग रहने के निर्देश दिए गए।

होमगार्ड भर्ती परीक्षा: पारदर्शिता सर्वोपरि – सीएम
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि होमगार्ड भर्ती परीक्षा की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि नकल, अफवाह फैलाने या परीक्षा को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क नजर रखी जाए।

उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जाए, ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम या अव्यवस्था न उत्पन्न हो।
भीषण गर्मी में परीक्षार्थियों को राहत – सीएम
राज्य में लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए परीक्षार्थियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर शुद्ध पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा और छाया की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।

इसके अतिरिक्त उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने जिला प्रशासन से कहा कि वे स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की स्वयं समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराएं।
स्मार्ट मीटर शिकायतों पर विशेष शिविर – सीएम
बैठक में स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में प्रत्येक फीडर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, जहां उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान किया जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर को लेकर यदि किसी प्रकार की आशंका या भ्रम है, तो उसका यथोचित समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट शीघ्र ही आने वाली है, जिसके आधार पर आगे की नीति स्पष्ट की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सटीक बिलिंग व्यवस्था मिले तथा तकनीकी बदलावों को लेकर उनका विश्वास मजबूत हो।
जातीय तनाव और अफवाहों पर कड़ी नजर – सीएम
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य में जातीय तनाव भड़काने की किसी भी साजिश पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द उत्तर प्रदेश की पहचान है और इसे कमजोर करने की कोशिशों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने पुलिस और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा। साथ ही, अफवाह फैलाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
औद्योगिक अशांति की कोशिशें होंगी विफल – सीएम
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक अशांति फैलाने की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा। विशेष रूप से 30 अप्रैल से 2 मई के बीच अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने जिला प्रशासन और उद्योग विभाग को निर्देशित किया कि औद्योगिक इकाइयों के साथ संवाद बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की समस्या को समय रहते हल करें। इससे निवेश और रोजगार के माहौल को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बारूद गोदामों और आतिशबाजी कारखानों का निरीक्षण – सीएम
सुरक्षा के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में बारूद गोदामों और आतिशबाजी कारखानों का अनिवार्य निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।

प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि लाइसेंस, भंडारण और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की गहन जांच की जाए। आवश्यकता पड़ने पर नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाए।
पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य – सीएम
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं स्थिति की समीक्षा करें और यदि कहीं कोई समस्या हो तो तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

समन्वित प्रशासन की दिशा में कदम
इन सभी निर्देशों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार प्रशासनिक सतर्कता, पारदर्शिता और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक ओर जहां भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर नागरिक सुविधाओं, औद्योगिक शांति और सामाजिक सौहार्द को भी समान महत्व दिया गया है।

इस प्रकार, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई यह समीक्षा बैठक प्रशासनिक जवाबदेही और समन्वित कार्यप्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर राज्य सरकार की विशेष नजर रहेगी।



