
रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोलकाता के जोरासांको विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि आगामी 4 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिलेगा। साथ ही उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में मतदाताओं से वोट की अपील की।

परिवर्तन की लहर का किया दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में पहले चरण के मतदान से ही परिवर्तन के संकेत स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार, जनता विकास और सुशासन के मुद्दों पर मतदान कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा पहले चरण में उल्लेखनीय सफलता हासिल करेगी और परिणाम के दिन राज्य में “नए दौर” की शुरुआत होगी।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और मतदाताओं को अपने अधिकार का प्रयोग सोच-समझकर करना चाहिए।
बंगाल की अस्मिता पर दिया जोर
सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बंगाल ने भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर, साहित्य, कला और सांस्कृतिक परंपराओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान उसकी समृद्ध विरासत से है।

उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसी ताकतों को समर्थन दें जो राज्य की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का काम करें।
विपक्ष पर आरोप, TMC का संभावित जवाब
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में TMC नेतृत्व पर प्रशासनिक अक्षमता और बेरोजगारी बढ़ने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उद्योगों के बंद होने और रोजगार के अवसर कम होने से युवाओं में निराशा है।

हालांकि, इन आरोपों पर TMC की ओर से अलग दृष्टिकोण सामने आ सकता है। सत्तारूढ़ दल अक्सर यह कहता रहा है कि उसने सामाजिक योजनाओं, बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
उत्तर प्रदेश मॉडल का किया उल्लेख
सीएम योगी ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों के सुचारू संचालन को लेकर यूपी में सकारात्मक बदलाव हुए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि विरासत संरक्षण और आधुनिक विकास साथ-साथ चल सकते हैं।
व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्र की चर्चा
मुख्यमंत्री ने कोलकाता के बड़ा बाजार क्षेत्र को व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि व्यापार, साहित्य और संस्कृति के केंद्र के रूप में बंगाल की पहचान देशभर में रही है।

उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे ऐसे नेतृत्व का चयन करें जो व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा दे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करे।
भाजपा उम्मीदवारों के लिए मांगे वोट
जनसभा में मुख्यमंत्री ने जोरासांको से विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी और एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल के समर्थन में मतदान करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य में भाजपा को अवसर मिलता है तो विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जाएगी।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर दिया जोर
अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से शांतिपूर्ण और अधिकाधिक मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोट सबसे बड़ा अधिकार है और इसका प्रयोग राज्य के भविष्य को तय करता है।

वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल का चुनाव इस बार कई मुद्दों पर केंद्रित है—जैसे रोजगार, उद्योग, कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान। परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि जनता किस दिशा में जनादेश देती है।

जोरासांको की यह रैली पश्चिम बंगाल की चुनावी राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां भाजपा के पक्ष में मजबूत दावे किए, वहीं विपक्षी दलों पर सवाल भी उठाए।

अब सबकी नजर आगामी मतदान और 4 मई को घोषित होने वाले परिणामों पर टिकी है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जनता का फैसला ही अंतिम होगा, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगा।



