
रिपोर्टर : गौरव गोंडल
तेल अवीव: इजरायल और लेबनान के बीच भले ही फिलहाल 10 दिनों का युद्धविराम (Ceasefire) लागू हो, लेकिन इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज (Israel Katz) ने साफ कर दिया है कि यह शांति स्थायी नहीं है। काट्ज ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि लेबनान में इजरायली सेना (IDF) का सैन्य अभियान अभी अधूरा है और हिज्बुल्लाह को पूरी तरह निहत्था करने तक हमले जारी रहेंगे।
‘कब्जा नहीं छोड़ेगी इजरायली सेना’
रक्षा मंत्री काट्ज ने स्पष्ट किया कि IDF दक्षिणी लेबनान के उन सभी इलाकों पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगी, जिन्हें उसने जमीनी कार्रवाई के दौरान आतंकियों से मुक्त कराया है। उन्होंने कहा:
“हमने हिज्बुल्लाह के खिलाफ कई सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन हमारा लक्ष्य उन्हें सैन्य या कूटनीतिक रूप से पूरी तरह निहत्था करना है। हम लेबनान के अंदर उन क्षेत्रों से पीछे नहीं हटेंगे जिन्हें हमने अपने नियंत्रण में लिया है।”
लिटानी नदी तक ‘सफाई’ अभियान जारी
काट्ज के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में लिटानी नदी और इजरायल द्वारा घोषित ‘सुरक्षा क्षेत्र’ (Security Zone) के बीच का इलाका अभी भी आतंकवादियों और हथियारों से पूरी तरह मुक्त नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कूटनीति के जरिए यह समस्या हल नहीं हुई, तो युद्धविराम खत्म होते ही IDF फिर से प्रचंड सैन्य कार्रवाई शुरू कर देगी।
नागरिकों को दी चेतावनी: ‘फिर करना पड़ सकता है पलायन’
इजरायल के हमले के कारण विस्थापित हुए 10 लाख से अधिक लोग अब दक्षिणी लेबनान में अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। इस पर रक्षा मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि “यदि शत्रुतापूर्ण गतिविधियां दोबारा शुरू होती हैं, तो सुरक्षा क्षेत्र में लौटने वाले निवासियों को तुरंत वहां से हटना (Evacuate) होगा, ताकि IDF अपने सैन्य अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर सके।”
अमेरिका का साथ और लेबनान पर दबाव
इजरायल ने संकेत दिया कि वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति इस मुद्दे पर सीधे तौर पर शामिल हैं। इजरायल का मुख्य उद्देश्य कूटनीतिक दबाव के जरिए लेबनानी सरकार को हिज्बुल्लाह पर लगाम लगाने के लिए मजबूर करना है। काट्ज ने दोहराया कि हिज्बुल्लाह को खत्म करने की उनकी प्रतिबद्धता अडिग है।



