मुरादाबाद: मुग़लपुरा थाना क्षेत्र में तरावीह के दौरान दो पक्षों के बीच झड़प, पुलिस कार्रवाई में जुटी

रिपोर्ट – शाहरुख़ हुसैन
मुरादाबाद: मुग़लपुरा थाना क्षेत्र में रमजान की विशेष तरावीह नमाज़ के दौरान दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प ने इलाके में दहशत फैला दी। इस घटना के बाद से स्थानीय लोग चिंता में हैं, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में जख्मी हुए लोग और बच्चों के चीखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है।
जानिए कैसे शुरू हुआ विवाद
रमजान के इस पाक महीने में जब मुसलमान रात के समय तरावीह की नमाज़ पढ़ रहे थे, उस दौरान मुग़लपुरा थाना क्षेत्र में एक मस्जिद के भीतर दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। यह विवाद जल्द ही हाथापाई और लात-घूंसे से मारपीट में बदल गया। इस मारपीट के दौरान बेल्ट और अन्य वस्तुओं का भी इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बच्चों के रोने और चीखने की आवाजें भी स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही हैं, जिससे यह साफ है कि इस हिंसक झड़प के कारण आसपास के लोग और विशेषकर छोटे बच्चे बहुत डर गए थे।
वायरल वीडियो का पड़ रहा प्रभाव
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, स्थानीय लोगों के बीच तनाव बढ़ गया। घटना ने न केवल इलाके में दहशत फैलाई बल्कि यह भी सवाल उठाए कि आखिर क्यों ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत ही ऐतिहात के तौर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि दो पक्ष मस्जिद के भीतर एक-दूसरे से भिड़ गए थे। एक ओर जहां यह दृश्य दुखद था, वहीं दूसरी ओर यह मस्जिद में इस तरह की हिंसा का दृश्य बहुत चौंकाने वाला था। मस्जिद जैसी पवित्र जगह में इस प्रकार की हिंसा ने समाज के लिए एक गहरी चिंता पैदा की है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो। पुलिस प्रशासन ने इलाके में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।

स्थानीय लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे इस प्रकार की घटनाओं को लेकर चुप न रहें और पुलिस से सहयोग करें। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी को इस तरह की घटनाओं के बारे में जानकारी है, तो वे पुलिस से संपर्क करें।
शांति और समृद्धि की ओर बढ़ाया गया कदम
मुरादाबाद में इस घटना के बाद से इलाके में तनाव के बाद शांति कायम रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय समाजसेवियों ने भी अपनी भूमिका निभाने का वादा किया है और वे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे। मस्जिदों के इमाम और स्थानीय धार्मिक नेता भी लोगों को शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
साथ ही, प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और भी सख्त किया जाएगा। स्थानीय लोगों से भी यह आग्रह किया गया है कि वे धार्मिक स्थलों को एकजुटता और शांति का प्रतीक मानें और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचें।



