वाराणसी: यूपी STF व कैंट पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई, 107 किलो गांजा के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

रिपोर्ट – धर्मेंद्र पांडेय
वाराणसी: अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 107.140 किलोग्राम अवैध गांजा, एक चारपहिया वाहन और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि वाहन की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।

मुखबिर की सूचना पर तड़के की गई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 26 अप्रैल की तड़के लगभग 1:58 बजे की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने इमलिया घाट पुलवरिया क्षेत्र, थाना कैंट, वाराणसी में घेराबंदी की।

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और कैंट थाना, वाराणसी की टीम ने संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। इसके बाद आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
जानिए आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय गिरी पुत्र मंगल गिरी, निवासी मुस्काबाद, थाना हंडिया, जनपद प्रयागराज के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 42 वर्ष बताई गई है।

प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त था। वह चारपहिया वाहन के माध्यम से विभिन्न जिलों और राज्यों में गांजा की आपूर्ति करता था। हालांकि, विस्तृत नेटवर्क की पुष्टि के लिए पुलिस आगे जांच कर रही है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा हुआ दर्ज
मामले में थाना कैंट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त, उसके संभावित सहयोगियों और सप्लाई चेन की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थों की तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है और दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
जानिए क्या हुआ बरामद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 107 किलो से अधिक गांजा की बरामदगी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की खेप बाजार में पहुंचती, तो इससे युवाओं और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था।

इस कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार सक्रिय हैं और संगठित अपराध के खिलाफ समन्वित तरीके से काम कर रही हैं।
अवैध तस्करी पर नियंत्रण की बनाई रणनीति
हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाए हैं। विभिन्न जिलों में पुलिस और विशेष इकाइयों को सतर्क रहने और खुफिया तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी क्रम में वाराणसी में हुई यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इसी तरह की सघन चेकिंग और निगरानी जारी रहेगी।
तकनीकी और खुफिया इनपुट की रही भूमिका
इस पूरे अभियान में खुफिया सूचना की अहम भूमिका रही। समय पर मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सटीक स्थान पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। इसके अलावा, बरामद मोबाइल फोन की जांच से तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की जानकारी मिलने की संभावना है।

पुलिस तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगी।
समाज में जागरूकता की आवश्यकता
मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।

इसके साथ ही, नागरिकों से अपील की जाती है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। सामुदायिक सहयोग से ही इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

वाराणसी में 107 किलो गांजा के साथ अंतरराज्यीय तस्कर की गिरफ्तारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता का प्रमाण है। संयुक्त कार्रवाई से न केवल बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ जब्त हुआ, बल्कि एक संभावित तस्करी नेटवर्क पर भी चोट पहुंची है।



