श्रावस्ती: 281 रिक्रूट आरक्षियों की पासिंग आउट परेड, नौ माह के प्रशिक्षण के बाद ली देश सेवा की शपथ

रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: पुलिस लाइन के मैदान में आज एक गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब नौ महीने के कठिन और अनुशासित प्रशिक्षण के बाद 281 रिक्रूट आरक्षियों ने भव्य पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। यह समारोह न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिवारों और पूरे जिले के लिए गर्व का अवसर रहा।

मुख्य अतिथि के रूप में डीआईजी कारागार प्रदीप गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के कुशल नेतृत्व में कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। पूरे समारोह के दौरान अनुशासन, समर्पण और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
अनुशासन और समन्वय का शानदार प्रदर्शन
परेड के दौरान रिक्रूट आरक्षियों ने कदमताल, सलामी और सामूहिक अभ्यास में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और कंधों पर जिम्मेदारी साफ दिखाई दे रही थी। प्रशिक्षण के नौ महीनों में उन्होंने शारीरिक दक्षता, कानून संबंधी ज्ञान, मानवाधिकार, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और आधुनिक पुलिसिंग तकनीकों का गहन अभ्यास किया।

इसके साथ ही, उन्हें सामुदायिक पुलिसिंग और नागरिकों के साथ संवाद कौशल की भी विशेष ट्रेनिंग दी गई, ताकि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनता के बीच विश्वास का वातावरण भी मजबूत कर सकें।
मुख्य अतिथि और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
समारोह में डीआईजी कारागार प्रदीप गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संकल्प है। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों को ईमानदारी, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कर्तव्य निभाने की प्रेरणा दी।

श्रावस्ती
वहीं, पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने कहा कि श्रावस्ती पुलिस लाइन से प्रशिक्षण प्राप्त कर निकलने वाले ये जवान प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, समय पालन और टीमवर्क पर विशेष जोर दिया गया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों का सम्मान
समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को सम्मानित भी किया गया। आंतरिक और बाह्य विषयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर रवि कन्नौजिया, अमित यादव और अभिषेक श्रीवास्तव को ओवरऑल टॉपर घोषित किया गया।

इन तीनों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके परिजनों की खुशी भी देखने लायक थी। दरअसल, यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम है, बल्कि उनके परिवारों के समर्थन और मार्गदर्शन का भी प्रतिफल है।
मुख्यमंत्री और डीजीपी का लाइव संबोधन
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का संबोधन भी लाइव प्रसारित किया गया। अपने संदेश में उन्होंने नवप्रशिक्षित आरक्षियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था की मजबूती ही राज्य की प्रगति की आधारशिला है।

उन्होंने यह भी जोर दिया कि पुलिस बल का आचरण जनता के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए। इसके साथ ही, आधुनिक तकनीक और पारदर्शिता को अपनाने पर बल दिया गया, ताकि पुलिसिंग और अधिक प्रभावी बन सके।
देशसेवा और ईमानदारी की शपथ
समारोह के अंत में सभी 281 रिक्रूट आरक्षियों को देश सेवा, संविधान के प्रति निष्ठा और ईमानदारी से कर्तव्य पालन की शपथ दिलाई गई। यह क्षण अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा।

शपथ के दौरान मैदान में उपस्थित सभी लोग गंभीरता और गर्व की भावना से भरे हुए दिखाई दिए। यही वह क्षण था, जब प्रशिक्षणार्थी आरक्षी पूरी तरह से पुलिस बल का हिस्सा बन गए।
कानून व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
अब ये प्रशिक्षित जवान प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात किए जाएंगे। उनकी नियुक्ति से न केवल कानून व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा के प्रयासों को भी नई गति मिलेगी।

विशेष रूप से ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस बल की सक्रियता बढ़ेगी, जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और सुदृढ़ होगी। इसके अलावा, नई पीढ़ी के इन आरक्षियों को आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों से भी लैस किया जाएगा।
प्रशिक्षण की व्यापक प्रक्रिया
नौ महीने की प्रशिक्षण अवधि के दौरान रिक्रूट आरक्षियों ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और धैर्य का परिचय दिया। सुबह की परेड से लेकर कक्षाओं और व्यावहारिक अभ्यास तक, उनका दैनिक कार्यक्रम बेहद सख्त रहा।

हालांकि प्रशिक्षण चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इसी प्रक्रिया ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया। परिणामस्वरूप, अब वे किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।
समाज के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प
पुलिस सेवा केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। बल्कि यह समाज में विश्वास, सहयोग और शांति स्थापित करने का माध्यम भी है। इस दृष्टि से, श्रावस्ती पुलिस लाइन की यह पासिंग आउट परेड केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जनसेवा के नए अध्याय की शुरुआत है।

अंततः, यह समारोह इस बात का प्रतीक है कि कड़ी मेहनत, समर्पण और सही मार्गदर्शन से युवा शक्ति को राष्ट्रनिर्माण की दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा सकता है। अब ये 281 नव प्रशिक्षित आरक्षी प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।



