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कानपुर: 37 वीं वाहिनी पीएसी दीक्षांत समारोह में 490 आरक्षी बने खाकी का हिस्सा, ली सेवा की शपथ

रिपोर्ट – शुभम शर्मा 

कानपुर: 37 वीं वाहिनी पीएसी और रिजर्व पुलिस लाइन का मैदान आज अनुशासन, समर्पण और गौरव का साक्षी बना। नौ माह के कठोर प्रशिक्षण के बाद 490 रिक्रूट आरक्षियों ने भव्य दीक्षांत परेड समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ लेकर आधिकारिक रूप से खाकी के बेड़े में कदम रखा। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक अभियोजन गीता सिंह और पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

समारोह का माहौल उत्साह और गरिमा से भरा रहा। एक ओर जहां प्रशिक्षुओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और देश सेवा का जज्बा दिखाई दे रहा था, वहीं दूसरी ओर परेड की सटीक चाल और अनुशासन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भव्य परेड ने जीता सबका दिल

दीक्षांत समारोह की शुरुआत आकर्षक और अनुशासित परेड से हुई। प्रशिक्षुओं ने कदमताल के साथ अपनी दक्षता और कठोर परिश्रम का प्रदर्शन किया। परेड के दौरान उनकी एकरूपता, समयबद्धता और शारीरिक क्षमता ने यह स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने प्रशिक्षण अवधि को गंभीरता से लिया है।

इसके बाद पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने परेड की सलामी ली। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस की नौकरी केवल एक रोजगार नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने नए आरक्षियों से अपेक्षा की कि वे कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करें।

आईजी गीता सिंह की मौजूदगी में ली गोपनीयता की शपथ

समारोह में पुलिस महानिरीक्षक अभियोजन गीता सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया। उनके समक्ष सभी 490 आरक्षियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।

शपथ ग्रहण के दौरान मैदान में गूंजती आवाजों ने वातावरण को देशभक्ति से भर दिया। यह क्षण न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी गर्व का अवसर था। शपथ के साथ ही उन्होंने यह संकल्प लिया कि वे संविधान और कानून के प्रति पूर्ण निष्ठा रखेंगे तथा अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से करेंगे।

नौ माह का कठिन प्रशिक्षण

इन आरक्षियों ने नौ महीने के कठोर प्रशिक्षण से गुजरते हुए शारीरिक, मानसिक और तकनीकी दक्षता हासिल की। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कानून की बारीकियां, आपराधिक मामलों से निपटने की प्रक्रिया, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और आधुनिक तकनीकी उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई।

इसके अलावा, अनुशासन और टीम वर्क पर विशेष जोर दिया गया। यही कारण है कि दीक्षांत परेड में उनकी तालमेल और समन्वय स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब ये जवान विभिन्न थानों और वाहिनियों में तैनात होकर अपनी सेवाएं देंगे।

सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत

प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 490 नए आरक्षियों के शामिल होने से पुलिस बल की कार्यक्षमता और भी बढ़ेगी।

प्रशिक्षित और युवा बल की तैनाती से अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और जनसंपर्क में सकारात्मक बदलाव आएगा। साथ ही, पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता भी मजबूत होगा।

पुलिस आयुक्त ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि आधुनिक चुनौतियों के बीच पुलिसकर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है। इसलिए प्रशिक्षण में डिजिटल उपकरणों और नई कार्यप्रणालियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

परिवारों के लिए गर्व का पल

दीक्षांत समारोह में बड़ी संख्या में आरक्षियों के परिवारजन भी मौजूद रहे। अपने बेटे और बेटियों को वर्दी में देखकर उनके चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था। कई परिवारों ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार दिन बताया।

इस अवसर पर अधिकारियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया। इससे न केवल उनका उत्साह बढ़ा, बल्कि अन्य जवानों को भी प्रेरणा मिली।

नौकरी नहीं, सेवा का संकल्प

अपने संबोधन में पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने कहा कि पुलिस सेवा समाज की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर जवान को संवेदनशीलता और मानवता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की छवि को बेहतर बनाने में नए आरक्षियों की भूमिका अहम होगी। यदि वे पारदर्शिता, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेंगे, तो जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

अनुशासन और समर्पण की मिसाल

दीक्षांत परेड ने यह संदेश दिया कि प्रशिक्षण केवल शारीरिक मजबूती का नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और नैतिक मूल्यों का भी प्रतीक है। नए आरक्षियों ने यह साबित किया कि वे हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

समारोह के अंत में पूरे मैदान में देश सेवा का उत्साह गूंज उठा। शपथ के साथ ही इन जवानों की नई जिम्मेदारी की शुरुआत हुई।

कानपुर की 37 वीं वाहिनी पीएसी का यह दीक्षांत समारोह न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि यह सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। 490 नए आरक्षियों के शामिल होने से पुलिस बल को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।

आने वाले समय में ये जवान विभिन्न थानों और इकाइयों में तैनात होकर कानून व्यवस्था को मजबूत करेंगे। साथ ही, समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।

इस प्रकार, कानपुर में आयोजित यह दीक्षांत समारोह अनुशासन, समर्पण और देश सेवा की भावना का प्रतीक बनकर सामने आया।

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