कानपुर: डीएम के पास पहुंची गुल्लक लूट की फ़ैयाद – भावुक हो गए अधिकारी – फिर जानिए आगे क्या किया?

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: नगर में बुधवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम उस समय भावनात्मक माहौल में बदल गया, जब एक 11 वर्षीय बच्ची अपनी मां के साथ जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने पहुंची। आमतौर पर जनता दर्शन में प्रशासनिक शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन इस बार एक मासूम बच्ची की उम्मीदों और बचत से जुड़ी कहानी ने सभी को भावुक कर दिया।

घरेलू विवाद के बीच सामने आई बच्ची की कहानी
जाजमऊ क्षेत्र की रहने वाली शन्नो अपनी दो बेटियों इस्वा खां और मरियम फातिमा के साथ शिकायत लेकर पहुंची थीं। प्रारंभ में मामला घरेलू विवाद से जुड़ा बताया गया, लेकिन बातचीत के दौरान जो बात सामने आई, उसने माहौल को गंभीर और भावुक दोनों बना दिया।

महिला ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी इस्वा लंबे समय से छोटी-छोटी बचत करके अपनी मिट्टी की गुल्लक में पैसे जमा कर रही थी। कभी जेब खर्च से मिले सिक्के, तो कभी रिश्तेदारों द्वारा दिए गए पैसे वह अपनी गुल्लक में सुरक्षित रखती थी। बच्ची का सपना था कि गुल्लक भरने के बाद वह अपने लिए स्कूल बैग और पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक वस्तुएं खरीदेगी।

हालांकि, पारिवारिक विवाद के दौरान वह गुल्लक भी टूट गई और उसमें जमा पैसे निकाल लिए गए। इस घटना से बच्ची बेहद दुखी हो गई।
जनता दर्शन में भावुक हुआ माहौल
जब जिलाधिकारी ने बच्ची से उसकी गुल्लक के बारे में पूछा, तो इस्वा ने मासूमियत से बताया कि वह रोज थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाती थी। उसकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। छोटी बहन मरियम फातिमा भी चुपचाप खड़ी रही और माहौल कुछ देर के लिए शांत हो गया।

इसके बाद महिला ने बताया कि मामले की शिकायत पहले भी स्थानीय थाने में की गई थी, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने थाना जाजमऊ प्रभारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम ने की संवेदनशील पहल
जनता दर्शन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब जिलाधिकारी ने दोनों बच्चियों को अपने पास बुलाया। उन्होंने उनसे बातचीत की और उनकी स्थिति को समझा। इसके बाद उन्होंने दोनों बच्चियों को नया स्कूल बैग और मिट्टी का गुल्लक भेंट किया।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने बच्चियों के नए गुल्लक में स्वयं 1000 रुपये डालकर उन्हें प्रोत्साहित किया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक था।

कुछ ही क्षण पहले तक उदास दिख रही इस्वा के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। बच्चियों को समझाया गया कि बचत करना एक अच्छी आदत है और इसे हमेशा जारी रखना चाहिए।
जनता दर्शन में दिखी मानवीय संवेदनशीलता
कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोगों ने इस पूरे दृश्य को देखा और प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की सराहना की। आमतौर पर जनता दर्शन में शिकायतों और समस्याओं का समाधान होता है, लेकिन इस बार एक बच्ची के सपनों और भावनाओं को भी महत्व मिला।

अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।

कानपुर जनता दर्शन में सामने आया यह मामला केवल एक शिकायत नहीं था, बल्कि एक मासूम बच्चे के सपनों और उसकी मेहनत का प्रतीक था। जिलाधिकारी की संवेदनशीलता ने न केवल समस्या का समाधान किया, बल्कि बच्चियों के चेहरे पर मुस्कान भी लौटा दी।



