कानपुर: विवाहिता की मौत पर पोस्टमार्टम में हुई हत्या की पुष्टि, पति समेत ससुराल पक्ष पर दर्ज हुआ मुकदमा

रिपोर्ट – हिमांशु श्रीवास्तव
कानपुर: गुजैनी थाना क्षेत्र के बर्रा-8 इलाके में 30 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक सूचना में जहां इसे सीढ़ियों से गिरने की दुर्घटना बताया गया था, वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पति सहित ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस घटनाक्रम के बाद न केवल परिवार में शोक का माहौल है, बल्कि क्षेत्र में भी इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।

वर्ष 2019 में हुआ था विवाह
जानकारी के अनुसार, बर्रा-8 निवासी दीपक श्रीवास का विवाह वर्ष 2019 में मोनिका के साथ हुआ था। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही मोनिका को ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जाता था। हालांकि परिवार ने कई बार आपसी समझौते की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ। परिजनों का कहना है कि घरेलू विवाद और तनाव लगातार बना हुआ था।

सीढ़ियों से गिरने’ की दी गई थी सूचना
दो दिन पूर्व ससुराल पक्ष की ओर से मोनिका के मायके वालों को सूचना दी गई कि वह घर की सीढ़ियों से गिर गई हैं और उनकी मृत्यु हो गई है। यह सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। हालांकि, शुरू से ही मायके पक्ष ने इस दावे पर संदेह जताया और इसे सुनियोजित हत्या करार दिया। उनका कहना था कि घटना की परिस्थितियां सामान्य दुर्घटना जैसी प्रतीत नहीं हो रही थीं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की हुई पुष्टि
पुलिस ने नियमानुसार शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट आने के बाद मामले ने निर्णायक मोड़ ले लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण सीढ़ियों से गिरना नहीं, बल्कि हत्या बताया गया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति और अन्य ससुराल पक्ष के सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। साथ ही आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
अंतिम संस्कार के दौरान हुआ हंगामा
इस बीच जब पुलिस सुरक्षा में शव को अंतिम संस्कार के लिए स्वर्ग आश्रम ले जाया गया, तो वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मृतका की बहन एकता और अन्य परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया। उनका कहना था कि जब तक मुख्य आरोपी पति को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक दाह संस्कार नहीं किया जाएगा।

परिजनों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए और शांति व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
जानिए क्या हैं परिजनों के आरोप और मांग
मृतका की बहन एकता ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि मोनिका को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि यह एक सुनियोजित हत्या है और आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार न्याय की मांग कर रहा है और वे इस मामले को अंत तक ले जाएंगे।

हालांकि पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
पढ़िए पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच टीम घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

इसके अतिरिक्त, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या पहले से किसी प्रकार की शिकायत दर्ज कराई गई थी या नहीं। यदि घरेलू प्रताड़ना के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित धाराओं को भी जोड़ा जा सकता है।
समाज में बढ़ती जागरूकता की आवश्यकता
यह घटना एक बार फिर घरेलू विवाद और वैवाहिक हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दों को सामने लाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और समय रहते कानूनी व सामाजिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

इसके साथ ही परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या प्रताड़ना के संकेतों को नजरअंदाज न करें। जागरूकता, संवाद और कानूनी सहायता के माध्यम से ही ऐसे मामलों में कमी लाई जा सकती है।

कानपुर विवाहिता हत्या मामला फिलहाल जांच के दौर से गुजर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है और आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं परिजन न्याय की मांग पर अडिग हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया इस मामले की सच्चाई को पूरी तरह सामने लाएगी।

फिलहाल प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद के साथ परिजन और स्थानीय लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।



