कानपुर: CDO ने मसवानपुर स्कूलों का किया निरीक्षण – निपुण मिशन के तहत की शिक्षा व्यवस्था और डिजिटल क्लास की समीक्षा

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कानपुर: नगर में निपुण भारत मिशन की जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन ने सोमवार को मसवानपुर क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कंपोजिट विद्यालय मसवानपुर और प्राइमरी विद्यालय मसवानपुर में शिक्षा व्यवस्था, उपस्थिति और डिजिटल शिक्षण प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। सीडीओ ने विद्यालयों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों को बारीकी से परखा और शिक्षकों से संवाद कर व्यवस्था की जानकारी ली।
स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति और शिक्षा व्यवस्था की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान कंपोजिट विद्यालय मसवानपुर में 270 नामांकित छात्रों में से 239 छात्र उपस्थित पाए गए, जबकि प्राइमरी विद्यालय मसवानपुर में 101 में से 85 छात्र उपस्थित थे।

इसके बाद, सीडीओ ने मध्याह्न भोजन योजना, डीबीटी प्रणाली, डिजिटल क्लासरूम और ऑपरेशन कायाकल्प के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति और सीखने का स्तर बेहतर होना चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि बच्चों को एक स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण मिल सके।
डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लास पर किया विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने विद्यालयों में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों की स्थिति की भी जांच की। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि स्मार्ट क्लास और अन्य तकनीकी माध्यमों का नियमित उपयोग किया जाए ताकि बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार हो सके।

साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की आवश्यकता है और इसे प्रभावी तरीके से लागू करना आवश्यक है।
लर्निंग बाई डूइंग प्रयोगशाला का भी किया निरीक्षण
सीडीओ ने विद्यालय में स्थापित लर्निंग बाई डूइंग प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सीधे संवाद किया और उनकी सीखने की गतिविधियों को करीब से देखा।

उन्होंने बच्चों की भागीदारी और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां शिक्षा को रोचक और व्यावहारिक बनाती हैं। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों को शिक्षण गुणवत्ता को लगातार सुधारने के लिए प्रेरित किया।
निपुण मिशन के क्रियान्वयन की भी की समीक्षा
इस दौरान निपुण सेल की सदस्य स्नेहा पांडेय ने मिशन के अंतर्गत चल रही शैक्षणिक गतिविधियों और उनके क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निपुण भारत मिशन का उद्देश्य बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है।

इसके बाद सीडीओ ने शिक्षक संदर्शिका और निपुण प्लस ऐप के उपयोग को लेकर शिक्षकों से विस्तार से चर्चा की। साथ ही, एआरपी विजिट, सहयोगात्मक पर्यवेक्षण और शैक्षणिक सहयोग की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।
जानिए प्रशासनिक निर्देश और भविष्य की योजना
निरीक्षण के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से तय किया जाए। साथ ही, नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए, निरीक्षण और शैक्षणिक सहयोग की प्रक्रिया को लगातार जारी रखा जाएगा।

मसवानपुर के विद्यालयों में किया गया यह निरीक्षण निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आई, बल्कि सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

आने वाले समय में इस तरह के नियमित निरीक्षण से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और डिजिटल शिक्षण प्रणाली को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।



