बांदा: स्मार्ट मीटर के खिलाफ किसान यूनियन की महिलाओं का प्रदर्शन, DM को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट – दीपक पांडेय
बांदा: जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में अब किसान यूनियन की महिलाओं ने भी मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को दर्जनों महिलाएं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं और जोरदार नारेबाजी करते हुए स्मार्ट मीटर के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा।

पहले भी हो चुके हैं विरोध प्रदर्शन
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर कई विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। बीते दिनों बेलन गैंग से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने भी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों से यह स्पष्ट है कि स्मार्ट मीटर को लेकर आम जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

इसी कड़ी में अब किसान यूनियन की महिलाओं का जुड़ना इस आंदोलन को और व्यापक बना रहा है।
जिलाधिकारी कार्यालय पर जमकर की नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान करीब आधा सैकड़ा महिलाएं जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में एकत्र हुईं। उन्होंने सरकार और विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। महिलाओं का कहना था कि स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता, विशेषकर गरीब वर्ग, पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली बिल में अनावश्यक बढ़ोतरी हो रही है, जिससे लोगों के लिए बिल भरना मुश्किल हो गया है।
महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के साथ सख्ती की जा रही है। उनका कहना था कि कई जगहों पर विभागीय कर्मचारी रात के समय घरों में जाकर कूलर और पंखे बंद करने तक की चेतावनी दे रहे हैं।

महिलाओं ने कहा कि यह तरीका उचित नहीं है और इससे आम जनता में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी वातानुकूलित कमरों में आराम से बैठकर काम कर रहे हैं, जबकि आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पुरानी व्यवस्था की बहाली की मांग
ज्ञापन में महिलाओं ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि स्मार्ट मीटर प्रणाली को समाप्त किया जाए और पहले की तरह पुराने मीटर की व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए। उनका कहना था कि पुरानी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सरल थी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलती थी।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
जन आक्रोश लगातार बढ़ रहा है
बांदा जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर यह विरोध कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ समय से लगातार विभिन्न समूहों द्वारा इसके खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। कहीं ग्रामीण स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं तो कहीं संगठित समूहों द्वारा ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं।

लोगों का मानना है कि इस तरह के विरोध तब और बढ़ते हैं जब लोगों को नई व्यवस्था के बारे में पर्याप्त जानकारी या संतुष्टि नहीं मिलती।
प्रशासन की भूमिका पर सबकी नजर
हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए माना जा रहा है कि जल्द ही इस विषय पर समीक्षा की जा सकती है।

स्थानीय स्तर पर प्रशासन के लिए यह एक चुनौती बनता जा रहा है कि कैसे जनता की शिकायतों को सुना जाए और तकनीकी सुधारों को लागू करते हुए भरोसा भी कायम रखा जाए।

बांदा में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ता विरोध यह दर्शाता है कि किसी भी नई तकनीकी व्यवस्था को लागू करने से पहले जन जागरूकता और विश्वास निर्माण बेहद जरूरी है। किसान यूनियन की महिलाओं का यह प्रदर्शन इस मुद्दे को और अधिक गंभीर बना रहा है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या वास्तव में जनता की मांगों के अनुसार कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।



