बिजनौर: जानलेवा होते जा रहे हैं आवारा कुत्ते – मासूम बच्ची पर किया हमला – CCTV फुटेज आया सामने – देखिए

रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: जिले के धामपुर क्षेत्र में आवारा कुत्तों से जुड़ी एक घटना सामने आई है, जिसमें एक बच्ची घायल हो गई। यह मामला नगर मोहल्ले का बताया जा रहा है, जहां बच्ची मंदिर जा रही थी। घटना का पूरा दृश्य पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

मंदिर जाते समय हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्ची सुबह के समय मंदिर जाने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान नगर मोहल्ले में आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उस पर अचानक ध्यान दिया और उसकी ओर बढ़ गए।

जैसे ही बच्ची आगे बढ़ी, कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना से आसपास का माहौल कुछ समय के लिए चिंताजनक हो गया।
स्थानीय लोगों ने किया था बचाव का प्रयास
घटना के दौरान बच्ची की मदद के लिए स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोर मचाकर और प्रयास कर बच्ची को बचाने की कोशिश की।

हालांकि, तब तक बच्ची को चोट लग चुकी थी। इसके बाद लोगों ने उसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया।
CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी घटना
यह पूरा घटनाक्रम पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। फुटेज सामने आने के बाद यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह अचानक कुत्तों का झुंड बच्ची के पास पहुंचता है और स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो जाती है।
स्थानीय लोगों में अब दिख रही नाराजगी
इस घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इस पर प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण किया जाए और नियमित अभियान चलाया जाए।

इसके साथ ही नागरिकों ने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।

धामपुर में हुई यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता है। हालांकि बच्ची को समय रहते बचा लिया गया, लेकिन यह मामला प्रशासन के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाए जाएं।



