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हमीरपुर: मौदहा में स्मार्ट मीटर के विरोध में हुआ प्रदर्शन – मीटर उखाड़ने वालों पर FIR की तैयारी

रिपोर्ट- मोहम्मद अकरम

हमीरपुर: जिले के मौदहा कस्बे में स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने कई घरों से स्मार्ट मीटर हटाकर विद्युत विभाग के कार्यालय के सामने रख दिए और धरने पर बैठ गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हस्तक्षेप किया, अनशन समाप्त कराया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने मीटर उखाड़े हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिशासी अभियंता विद्युत लेखराज सिंह ने कहा कि संबंधित घरों का डेटा एकत्र किया जा रहा है और जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

जानिए कैसे शुरू हुआ विरोध?

मौदहा क्षेत्र में यह विरोध बृहस्पतिवार से शुरू हुआ। शुरुआत में यह प्रदर्शन सीमित दायरे में था, लेकिन धीरे-धीरे इसमें स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग को लेकर भ्रम और आशंकाएं हैं।

वे पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर विद्युत विभाग कार्यालय के सामने धरना और अनशन शुरू किया गया। हालांकि, जैसे-जैसे प्रदर्शन आगे बढ़ा, कुछ लोगों ने घरों में लगे स्मार्ट मीटर हटाकर विरोध जताने का रास्ता अपनाया।

मीटर उखाड़ कर कार्यालय पहुंचे

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ लिए। इसके बाद वे इन मीटरों को लेकर सड़क पर नारेबाजी करते हुए विभागीय कार्यालय पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए।

घर से मीटर हटाए जाने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्त रुख अपनाया। समझाइश के बाद धरना और अनशन समाप्त कराया गया। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।

प्रशासन और बिजली विभाग की प्रतिक्रिया

अधिशासी अभियंता लेखराज सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर हटाना या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना विधि-विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि जिन घरों से मीटर हटाए गए हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है।

इसके अतिरिक्त, तकनीकी टीम यह भी देख रही है कि मीटर हटाने से विद्युत आपूर्ति या डेटा सिस्टम पर क्या प्रभाव पड़ा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के तहत संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। इसलिए, कानून के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखी जानी चाहिए।

स्मार्ट मीटर को लेकर आशंकाएं

स्मार्ट मीटर परियोजना का उद्देश्य बिजली खपत का सटीक आकलन, पारदर्शिता और बिलिंग प्रक्रिया को सरल बनाना है। हालांकि, कई स्थानों पर उपभोक्ताओं के बीच यह धारणा बनी है कि स्मार्ट मीटर से बिल अधिक आ रहे हैं या रीडिंग को लेकर भ्रम है।

इसी कारण कुछ क्षेत्रों में विरोध देखने को मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी बदलाव के साथ जागरूकता और संवाद भी जरूरी है। यदि उपभोक्ताओं को सही जानकारी समय पर मिले, तो भ्रम की स्थिति कम हो सकती है।

स्थानीय राजनीति और सामाजिक भागीदारी

मौदहा में चल रहे इस प्रदर्शन में स्थानीय लोगों के साथ कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। इससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला। वहीं, महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही, जो सीधे तौर पर घरेलू बजट और बिजली बिल से जुड़ी चिंताओं को सामने रख रही थीं।

हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी राजनीतिक या सामाजिक मंच को कानून का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अब आगे क्या?

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपनी शिकायतें औपचारिक माध्यम से दर्ज कराएं और संवाद के जरिए समाधान तलाशें।

इसके साथ ही, विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और बिलिंग प्रक्रिया को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सके।

नागरिकों के लिए सलाह

* किसी भी तकनीकी या बिलिंग संबंधी समस्या पर सीधे विभागीय कार्यालय से संपर्क करें।
* सरकारी उपकरणों के साथ छेड़छाड़ न करें, क्योंकि यह दंडनीय हो सकता है।
* शांतिपूर्ण और वैधानिक तरीके से अपनी मांग रखें।

मौदहा स्मार्ट मीटर विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन और बिजली विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी की है। एक ओर उपभोक्ताओं की आशंकाएं हैं, तो दूसरी ओर सरकारी परियोजना का सुचारु क्रियान्वयन भी आवश्यक है।

स्थिति से यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी बदलाव के साथ संवाद और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और विभाग की पहल इस मामले की दिशा तय करेगी। फिलहाल, मीटर उखाड़ने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है।

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