कानपुर: 11 वर्षीय छात्र दिव्यांश हत्याकांड में हुआ बड़ा खुलासा – दो आरोपी गिरफ्तार – जानिए क्यों की थी हत्या

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कानपुर: जिले के महाराजपुर क्षेत्र में 11 वर्षीय छात्र दिव्यांश की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में गहरी चिंता और आक्रोश का माहौल है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

गुरुकुल में कराया गया था प्रवेश
परिजनों के अनुसार, दिव्यांश को 15 अप्रैल को रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में वैदिक शिक्षा के लिए दाखिल कराया गया था। परिवार का कहना है कि दाखिले के बाद से वह नियमित रूप से फोन पर बातचीत कर रहा था और उसकी तरफ से किसी प्रकार की परेशानी की जानकारी नहीं दी गई थी।

मंगलवार को भी परिवार की उससे सामान्य बातचीत हुई थी। हालांकि अगले ही दिन घटनाक्रम ने अचानक गंभीर मोड़ ले लिया।
अचानक मिली गंभीर सूचना
बुधवार सुबह परिवार को एक रिश्तेदार के माध्यम से सूचना मिली कि दिव्यांश सीढ़ियों से गिर गया है और गंभीर रूप से घायल है। इस खबर से परिवार चिंतित हो गया।

परिजनों का आरोप है कि सूचना के कुछ समय बाद गुरुकुल संचालक कन्हैया लाल मिश्रा कार से दिव्यांश का शव लेकर गांव पहुंचे। उनका कहना है कि शव को घर से कुछ दूरी पर छोड़कर संबंधित व्यक्ति वहां से चले गए। इस घटनाक्रम ने संदेह को और गहरा कर दिया।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
परिवार का आरोप है कि बच्चे के शरीर पर कई चोटों के निशान दिखाई दिए। उन्होंने आशंका जताई कि उसके साथ मारपीट की गई थी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस ने चिकित्सकीय परीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाने की बात कही है।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और मामले को लेकर रोष व्यक्त किया गया। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित पिता नरेंद्र द्विवेदी की तहरीर पर पुलिस ने गुरुकुल संचालक और संबंधित चालक के खिलाफ हत्या तथा साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके बाद आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी राज्य से बाहर चले गए हैं। तत्पश्चात पुलिस ने मध्य प्रदेश में दबिश देकर सौरभ मिश्रा और सावित्री अवस्थी को गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय में पेशी और जेल भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कानपुर लाया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो मौत के कारणों को स्पष्ट करेगी।
जानिए जांच के कई पहलू
पुलिस इस मामले को कई कोणों से देख रही है। एक ओर जहां परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय गुरुकुल में कौन-कौन मौजूद था और परिस्थिति क्या थीं।

इसके अतिरिक्त, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ी जा सके।
प्रशासन का आश्वासन
स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

साथ ही, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि किसी प्रकार की अफवाह या तनाव की स्थिति न बने।
समाज में उठे सवाल
इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा और आवासीय शिक्षण संस्थानों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि ऐसे संस्थानों में पारदर्शिता और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था और सख्त होनी चाहिए।
जानकारों का मानना है कि बच्चों के साथ जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। इसलिए प्रशासनिक स्तर पर भी इस दिशा में सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

दिव्यांश हत्याकांड कानपुर का यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो गई है।

हालांकि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा, लेकिन फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जाएगी।

इस घटना ने न केवल एक परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर किया है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और क्या कदम उठाए जा सकते हैं।



