कानपुर देहात: बंद कमरे में मिला भारतीय सेना के जवान का शव – जानिए कौन हो सकता है हत्यारा – किस पर जताया शक

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कानपुर देहात: भारतीय सेना के जवान संदिग्ध मौत की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मंगलपुर थाना क्षेत्र के झींझक कस्बे में मंगलवार को एक किराए के मकान के भीतर भारतीय सेना के जवान का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

जानिए मृतक जवान की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान शिवेंद्र सिंह चौहान (38) पुत्र अतर सिंह, निवासी मुरलीपुर कंचौसी, जनपद औरैया के रूप में हुई है। वे भारतीय सेना में कार्यरत थे और वर्तमान में महाराष्ट्र के अहमदनगर में तैनात थे। जानकारी के अनुसार, शिवेंद्र सिंह लगभग 15 दिन की छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे।

झींझक कस्बे में उनकी पत्नी निधि और दो पुत्र—देवप्रताप सिंह एवं वेद प्रताप—किराए के मकान में रहते थे। बताया गया कि शिवेंद्र सिंह पिछले करीब दो वर्षों से झींझक में ही रह रहे थे, जहां उनका परिवार निवास करता था।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव
मंगलवार को अचानक मकान के अंदर शिवेंद्र सिंह का शव पड़ा मिलने की सूचना सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटनास्थल की स्थिति सामान्य नहीं थी, जिसके चलते मामले को संदिग्ध माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और कहा है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के पिता और भाई मौके पर पहुंचे। परिवार के सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं, स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
पढ़िए परिजनों का किस पर जा शक और क्या की मांग
मृतक के भाई गोविंद ने बताया कि शिवेंद्र सिंह की शादी जुलाई 2013 में झींझक कस्बे के खानपुर रोड निवासी राजू सिंह गौर की पुत्री निधि से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं है और मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सेना के जवान की मौत की सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही मंगलपुर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश दुबे, झींझक चौकी इंचार्ज उमेश शर्मा और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल के हालात का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। इसके अतिरिक्त, तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
पत्नी और ससुराल पक्ष से जारी है पूछताछ
जांच के क्रम में पुलिस ने मृतक की पत्नी निधि, साला कुलदीप और ससुर राजू सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह पूछताछ जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और अभी किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।
क्षेत्र में चर्चा और की गई सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद झींझक कस्बे में माहौल गंभीर बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जुटे रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाएगी।

कानपुर देहात के झींझक कस्बे में सेना के जवान की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई है और हर पहलू पर गंभीरता से काम कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।



