कानपुर: नगर निगम की कैटल कैचिंग टीम पर हमला, कुत्तों को पकड़ने गई थी टीम, तलाश शुरू

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कानपुर: नगर निगम की कैटल कैचिंग टीम पर स्थानीय उपद्रवियों द्वारा जानलेवा हमला किए जाने की घटना ने पूरे शहर को चौंका दिया। यह घटना उस समय हुई जब नगर निगम की टीम आईजीआरएस शिकायत के संदर्भ में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए इलाके में पहुंची थी।

हालांकि, कुत्तों का पकड़ा जाना संभव नहीं हो पाया, जिसके बाद टीम ने रात में फिर से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। इस दौरान स्थानीय दबंगों ने टीम पर हमला कर दिया, जिससे ड्राइवर और डॉग कैचर्स को गंभीर रूप से मारपीट का सामना करना पड़ा।

यह घटना उस समय हुई जब नगर निगम की टीम, स्थानीय प्रशासन के आदेश पर, आईजीआरएस शिकायत के आधार पर कार्रवाई करने के लिए इलाके में पहुंची थी।

शिकायतकर्ता ने निगम को सूचित किया था कि इलाके में आवारा कुत्ते हैं, जिनकी वजह से नागरिकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय कुत्ते पकड़ने में सफलता नहीं मिलने के बाद टीम को रात में पुनः अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

जब टीम रात के समय इलाके में पहुंची, तो स्थानीय उपद्रवियों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। टीम के ड्राइवर और डॉग कैचर्स के साथ मारपीट की गई, साथ ही उनके मोबाइल फोन और गाड़ी को भी तोड़ दिया गया। आरोपियों ने यह कहते हुए हमला किया कि टीम उनके इलाके में बिना अनुमति के आई थी और इसका विरोध किया गया।

घटना के बाद वहां मौजूद शिकायतकर्ता और अन्य स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे, लेकिन हिंसा के कारण स्थिति और बिगड़ गई। हालांकि, नगर निगम के अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में किया और पुलिस को सूचित किया।

जानिए आधिकारिक बयान और आगे की कार्रवाई
नगर निगम कमिश्नर ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मारपीट की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे फुटेज की जांच कर आरोपियों की शिनाख्त करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्य में रुकावट डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी बताया कि इस मामले में गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा और किसी भी हालत में आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय पुलिस ने घटना के बाद इलाके में स्थिति को शांत करने के लिए कदम उठाए और आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी।

कानपुर के नागरिकों का नजरिया
इस घटना के बाद कानपुर के नागरिकों में गुस्सा देखा गया। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी कार्य में रुकावट डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। नागरिकों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से शहर की शांति और सुरक्षा में विघ्न डालता है।

शहर के नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे आरोपियों के खिलाफ न केवल सजा दी जाए, बल्कि उनके खिलाफ जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाए ताकि लोग समझ सकें कि सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के बिना विकास कार्य नहीं हो सकते।

कानपुर में नगर निगम की कैटल कैचिंग टीम पर हमले की यह घटना न केवल कानून व्यवस्था की समस्या को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि समाज में कुछ लोग सरकारी कामों में विघ्न डालने के लिए कितनी हद तक जा सकते हैं। प्रशासन द्वारा जांच की प्रक्रिया और सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है ताकि इस प्रकार की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।

सरकार और प्रशासन को इस प्रकार की घटनाओं पर कड़ी नजर रखनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि हर नागरिक को उसके अधिकारों के अनुसार सुरक्षा मिले, खासकर जब वह सरकारी कार्यों के लिए मैदान में हो।



