
रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आज से ‘नारी शक्ति वंदन’ अभियान की शुरुआत की है, जो राज्य के परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में तीन दिनों तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

अभियान के तहत विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें बालिकाओं को आत्मरक्षा की शिक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य सामाजिक गतिविधियां शामिल होंगी।
बालिकाओं के सम्मान में आयोजित होंगे विशेष कार्यक्रम
इस अभियान का पहला दिन खासकर छात्राओं के अभिभावकों के सम्मान के लिए समर्पित होगा। 70% से अधिक उपस्थिति वाली छात्राओं के अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा। यह कदम विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।

इस कार्यक्रम में स्कूलों में ‘मानव श्रृंखला’ बनाई जाएगी, ताकि नारी शक्ति को एकजुट करने का संदेश दिया जा सके।
नारी सशक्तिकरण के लिए आत्मरक्षा दिया जाएगा प्रशिक्षण
17 अप्रैल को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विशेष रूप से आत्मरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। बालिकाओं को ‘रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण’ के तहत आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे।

इस प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय और आत्मविश्वास बढ़ाने वाली तकनीकों के बारे में बताया जाएगा। इससे न केवल उनकी शारीरिक ताकत में वृद्धि होगी, बल्कि मानसिक सशक्तिकरण भी होगा।

इस दौरान, छात्रों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें नृत्य, गायन और अन्य प्रदर्शन होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक मंच मिलेगा, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
समाज सेवा और प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
इस कार्यक्रम में बालिकाओं की भागीदारी को और भी व्यापक रूप से बढ़ाने के लिए समाज सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। 20 अप्रैल को ‘सशक्त नारी, समृद्ध भारत’ विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

इन प्रतियोगिताओं में निबंध लेखन, कविता लेखन और पोस्टर मेकिंग शामिल होंगे, जिनमें बालिकाओं को अपनी रचनात्मकता को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा, विद्यालयों में वाद-विवाद प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी, जो बालिकाओं की बौद्धिक क्षमता को विकसित करने में मदद करेगा। इस प्रकार, यह अभियान बालिकाओं को सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और बौद्धिक रूप से भी सशक्त बनाएगा।

जिलों को दिए गए हैं यह निर्देश
प्रदेश के सभी जिलों को इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। सभी जिलों में नारी सशक्तिकरण के कार्यक्रमों का आयोजन होगा और उनके संचालन की निगरानी की जाएगी।

इसके साथ ही, स्कूलों को अपने कार्यक्रमों की फोटो और रिपोर्ट राज्य परियोजना कार्यालय में भेजने के लिए अनिवार्य रूप से कहा गया है, ताकि राज्य स्तर पर इन कार्यक्रमों का सही तरीके से मूल्यांकन किया जा सके।
अब जानिए कब होगा समापन
यह अभियान न केवल बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि समाज में नारी के सम्मान और उसकी शक्तियों को उजागर करेगा। इस तरह के कार्यक्रमों से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत और सशक्त समाज की नींव रखी जा सकेगी।

नारी शक्ति वंदन अभियान के माध्यम से प्रदेश सरकार न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ा रही है, बल्कि एक समृद्ध और जागरूक समाज की भी स्थापना कर रही है।



