कानपुर: टैंकरों से तेल चोरी करने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड़, 1400 लीटर ईंधन किया बरामद

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टैंकरों से तेल चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के निर्देशन में क्राइम ब्रांच, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

यह मामला सचेंडी थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पिछले कुछ समय से टैंकरों से डीजल-पेट्रोल चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस के अनुसार, गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था। हालांकि लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने रणनीति बनाई और अंततः आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
मुखबिर की सूचना से मिली सफलता
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वाट व सर्विलांस टीम को मुखबिर खास से महत्वपूर्ण सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई। जैसे ही संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि हुई, पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों—विवेक पाल, नारायण सिंह और रोहित सोनकर—को मौके से दबोच लिया।

इसके अतिरिक्त विवेक पांडेय, जीतू चंदेल और गोपी चौहान फिलहाल फरार हैं। पुलिस का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही इन्हें भी हिरासत में ले लिया जाएगा।
भारी मात्रा में तेल और उपकरण बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल लगभग 1400 लीटर डीजल-पेट्रोल बरामद किया गया है। इसमें दो भरे हुए ड्रम, एक आधा भरा ड्रम और 20 पिपिया ईंधन से भरी हुई शामिल हैं। इसके अलावा एक खाली ड्रम और 14 खाली पिपिया भी जब्त की गई हैं।

पुलिस ने मौके से एक सफेद रंग की ओमनी वैन, एक लोडरनुमा ऑटो, एक अपाचे बाइक, तेल निकालने की मशीन, पाइप और अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी टैंकरों से तेल निकालने के लिए विशेष मशीन और पाइप का इस्तेमाल करते थे, जिससे चोरी को अंजाम देना आसान हो जाता था।
संगठित तरीके से होती थी चोरी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह पहले टैंकरों की आवाजाही और रूट की जानकारी जुटाता था। इसके बाद सुनसान स्थान पर टैंकरों को निशाना बनाकर मशीन की मदद से तेल निकाला जाता था। चोरी किया गया ईंधन स्थानीय स्तर पर कम कीमत पर बेच दिया जाता था।

हालांकि इस तरह की गतिविधि से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता था, बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। इसलिए पुलिस ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए सख्ती से कार्रवाई की है।
टीमवर्क से मिली कामयाबी
इस कार्रवाई में प्रभारी स्वाट टीम मनीष कुमार, सर्विलांस टीम के उप निरीक्षक मंजेश कुमार, स्वाट टीम के उप निरीक्षक राहुल कुमार, हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह, शहवाज खान, अभय सिंह, शैलेंद्र यादव तथा सर्विलांस टीम के कांस्टेबल अनुराग तोमर, रूपक खोखर, अंकित कुमार, स्वाट टीम के कांस्टेबल सत्यवीर अवाना और अजित सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना की है और कहा है कि भविष्य में भी इसी तरह संगठित अपराध के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

आगे की कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है। वहीं फरार आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा चोरी किए गए तेल की आपूर्ति किन स्थानों पर की जा रही थी।

कानून व्यवस्था पर पुलिस का सख्त रुख
कानपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में संगठित अपराध और आर्थिक अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। इसी क्रम में तेल चोरी जैसे मामलों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

हालांकि शहर में औद्योगिक गतिविधियों और परिवहन की बढ़ती रफ्तार के बीच इस तरह की वारदातें चुनौती बन सकती हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि आधुनिक तकनीक, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से ऐसे गिरोहों को चिन्हित कर कार्रवाई जारी रहेगी।
नागरिकों से अपील
पुलिस ने नागरिकों और परिवहन व्यवसायियों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित थाने या हेल्पलाइन पर सूचित करें। सामूहिक सतर्कता से ही इस तरह के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

इस प्रकार, कानपुर में टैंकरों से तेल चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। हालांकि जांच अभी जारी है, लेकिन शुरुआती कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि कानून से बच पाना आसान नहीं है। आने वाले दिनों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।



