श्रावस्ती: राप्ती नदी में नहाते समय किशोर की डूबने से हुई मौत, अप्रैल में है तीसरी घटना – पढ़िए अपील

रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: जिले में भीषण गर्मी के बीच राप्ती नदी में डूबने की एक और दुखद घटना सामने आई है। सोनवा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में नहाने गया एक किशोर गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घंटों की खोजबीन और रेस्क्यू के बाद देर रात उसका शव बरामद किया गया।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान कौशल कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल माह में अब तक जिले में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके चलते प्रशासन ने नदी किनारे विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
नहाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए कौशल कुमार राप्ती नदी में नहाने गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नदी के एक हिस्से में अचानक गहराई बढ़ जाने के कारण वह संतुलन खो बैठा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज धारा और गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे। इसके बाद संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
घंटों की मशक्कत के बाद मिला शव
रेस्क्यू टीम ने कई घंटों तक नदी में तलाश अभियान चलाया। देर रात किशोर का शव बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने का प्रतीत होता है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम पुष्टि की जाएगी।
गांव में शोक का माहौल
घटना की खबर फैलते ही रघुनाथपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्य और ग्रामीण स्तब्ध हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के दिनों में बच्चे अक्सर नदी में नहाने चले जाते हैं, जिससे इस प्रकार की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की है।
अप्रैल में तीसरी डूबने की घटना
जिले में अप्रैल माह के दौरान डूबने की यह तीसरी घटना बताई जा रही है। इससे पहले भी दो बच्चों की नदी या जलाशय में डूबने से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं ने अभिभावकों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

जानकारों का मानना है कि गर्मी के मौसम में जल स्रोतों के पास भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में सतर्कता और निगरानी अत्यंत आवश्यक है।
प्रशासन ने की अपील: नदी किनारे बरतें सावधानी
घटना के बाद जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि नदी या अन्य जल स्रोतों के पास जाते समय विशेष सावधानी बरतें। बच्चों को बिना निगरानी के नदी में न जाने दें।

इसके अलावा स्थानीय पुलिस को भी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जागरूकता ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
सुरक्षा उपायों की है जरूरत
जानकारों के अनुसार, नदी किनारे चेतावनी बोर्ड, गहराई के संकेतक और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। यदि संभव हो तो जोखिम वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की जा सकती है।

साथ ही अभिभावकों को बच्चों को तैराकी का प्रशिक्षण देने और सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने की सलाह दी जाती है। इससे संभावित जोखिम कम किया जा सकता है।

श्रावस्ती राप्ती नदी डूबने की घटना ने एक बार फिर सावधानी की आवश्यकता को रेखांकित किया है। भीषण गर्मी में राहत पाने के प्रयास कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकते हैं, यदि उचित सतर्कता न बरती जाए।

अप्रैल में लगातार तीसरी घटना सामने आने के बाद प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। जागरूकता, निगरानी और सुरक्षा उपायों के माध्यम से ही ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।



