यूपी में दौड़ी तबादला एक्सप्रेस – 38 IAS अफसरों का हुआ तबादला – पढ़िए सभी का नाम और कार्यक्षेत्र

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाते हुए 38 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस व्यापक फेरबदल के तहत कई जिलों को नए जिलाधिकारी (DM) मिले हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। माना जा रहा है कि यह निर्णय सुशासन, कार्यकुशलता और विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से लिया गया है।

इन जिलों को मिले नए जिलाधिकारी
जारी सूची के अनुसार, मधुसूदन हुल्गी को देवरिया का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि सैमुअल पाल को जौनपुर का नया डीएम बनाया गया है। इसी क्रम में आनंद वर्धन को मऊ, गौरव सिंह सोगरवाल को महाराजगंज और संतोष कुमार शर्मा को फिरोजाबाद का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा, राजेंद्र पेंसिया को मुरादाबाद, अंकित खंडेलवाल को संभल और अभिषेक पांडेय को प्रतापगढ़ का जिलाधिकारी बनाया गया है। इन नियुक्तियों से संबंधित जिलों में प्रशासनिक कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
महत्वपूर्ण विभागों में हुई नई तैनाती
प्रशासनिक फेरबदल केवल जिलों तक सीमित नहीं रहा। शिव सहाय अवस्थी को ग्रामीण सड़क प्राधिकरण का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाया गया है। वहीं अनुज सिंह को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। अभिनव गोपाल को गोरखपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष (VC) बनाया गया है, जबकि अजय जैन को गोरखपुर का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।

वित्त, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग में भी बदलाव किए गए हैं। डॉ. अल्का वर्मा को विशेष सचिव वित्त, निधि बंसल को स्वास्थ्य विभाग का निदेशक और डॉ. दिनेश चंद्र को लोक निर्माण विभाग (PWD) में विशेष सचिव बनाया गया है। इसी प्रकार, प्रवीण मिश्रा को समाज कल्याण विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजस्व और अन्य विभागों में बदलाव
राजस्व विभाग में भी महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। रमेश रंजन को अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, लखनऊ बनाया गया है। दिव्या मित्तल को विशेष सचिव राजस्व और चंद्र शेखर को विशेष सचिव सिंचाई विभाग नियुक्त किया गया है।

नेहा जैन को केस्को (KESCO) की प्रबंध निदेशक (MD) और समीर को यूपी डेस्को का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। महिला कल्याण विभाग में सी. इंदुमती को निदेशक और वंदना वर्मा को विशेष सचिव चीनी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
नगर निकाय और परिषद में नई जिम्मेदारियां
संतोष कुमार वैश्य को आगरा का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं राजेंद्र सिंह और प्रेम प्रकाश सिंह को प्रयागराज स्थित राजस्व परिषद का सदस्य बनाया गया है। अंकुर कौशिक को कानपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इसके अतिरिक्त, अवनीश सक्सेना को विशेष सचिव नियुक्ति, हरिकेश चौरसिया को सचिव उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) और मदन सिंह गर्ब्याल को विशेष सचिव आयुष बनाया गया है।
जानिए अन्य अहम नियुक्तियां
सान्या छाबड़ा को कानपुर में अपर आयुक्त सेल टैक्स की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रफुल्ल शर्मा को लखनऊ का मुख्य विकास अधिकारी (CDO), नेहा ब्याडवाल को हरदोई, आलोक प्रसाद को गाजीपुर, कुमार सौरभ को गाजियाबाद और दयानंद प्रसाद को गोण्डा का सीडीओ नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा, जुहेर बिन सगीर को एनआरआई विभाग में विशेष सचिव और रिंकू सिंह राही को जालौन का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बनाया गया है।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। दरअसल, समय-समय पर अधिकारियों के स्थानांतरण से प्रशासनिक प्रणाली में नई ऊर्जा और पारदर्शिता आती है। इससे न केवल कार्यकुशलता बढ़ती है, बल्कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आती है।

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि जिलों में नए जिलाधिकारियों की नियुक्ति से स्थानीय प्रशासन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, विभागीय स्तर पर हुए बदलावों से योजनाओं की निगरानी और कार्यान्वयन बेहतर होगा।
सुशासन और विकास पर फोकस
राज्य सरकार लगातार सुशासन और विकास को प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि नए पदस्थापित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन प्रभावी ढंग से करेंगे और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देंगे।

इसके साथ ही, सरकार की मंशा स्पष्ट है कि प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय और जवाबदेह बनाया जाए। नियमित समीक्षा और निगरानी के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

यूपी में 38 IAS अफसरों के तबादले राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव है। कई जिलों को नए डीएम मिले हैं और महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह कदम सुशासन, पारदर्शिता और विकास कार्यों में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आने वाले समय में इन नियुक्तियों का असर जिलों और विभागों के कामकाज में स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।



